हेतु व हिन्दू समाज के आन्तरिक दोषों के निर्मूलन के लिए हुई है" ये विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक
संघ के सरकार्यवाह मा. सुरेश राव जी (भैया जी) जोशी ने ४ नवम्बर २००९ (बुधवार) को
हरियाणा के फरीदाबाद महानगर में आयोजित स्वयंसेवक सम्मलेन में रखे।
भैया जी ने कहा कि "हिंदुत्व एक विशेष पूजा पद्धति का नहीं अपितु जीवन शैली का नाम है और यही
जीवन शैली व सोच विश्व शान्ति का आधार हो सकती है" ! चीन के विस्तारवादी रवैये , बंगलादेशी घुसपैठ
तथा प्रांतवाद व जातिवाद की संकीर्णता जैसे खतरों के प्रति सतर्क रहने व इनका मुकाबला करने
का आह्वान भी सरकार्यवाह जी ने स्वयंसेवकों से किया .
कार्यक्रम का आयोजन फुटबाल मैदान ,एन. आई. टी. (फरीदाबाद) में शाम 7.15 से 8.15 तक
संपन्न हुआ . कार्य दिवस होने के बावजूद लगभग 1450 स्वयंसेवकों ने निर्धारित गणवेश में कार्यक्रम में
भाग लिया . 438 स्वयंसेवकों ने समता , दंड -योग , व्यायाम -योग व सूर्य -नमस्कार जैसे
शारीरिक कार्यक्रमों का घोष के साथ सांघिक प्रदर्शन किया. मंच पर मा. भैया जी जोशी के साथ
क्षेत्रीय संघचालक माननीय बजरंगलाल जी गुप्त व प्रांत संघचालक माननीय मेजर करतार सिंह
जी भी विराजमान थे !
कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह सेवा-प्रमुख मा. सुहासराव जी व क्षेत्र प्रचारक रामेश्वर जी सहित सहित क्षेत्र
व प्रांत के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
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